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और लेख

  • फुलब्राइट-नेहरू शोधार्थी कायला ह्यूमर का प्रोजेक्ट ऐसे रोगियों को कम खर्चीला इलाज सुझाने पर था जिनके पैरों में डायबिटीज के चलते अल्सर बनने की आशंका रहती है।

  • फुलब्राइट-नेहरू विद्यार्थी शोधकर्मी हना लाइडर ने हिमोग्लोबिन मापन चुनौतियों पर ध्यान दिया और ऐसी डाटा स्टोरेज चूड़ी बनाई जो ग्रामीण इलाकों में गर्भस्थ शिशु की देखभाल में मदद करे।    

  • नेक्सस से प्रशिक्षित जीनॉमिक्स डायबिटीज, मोटापा और हाइपरटेंशन जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बचाव और प्रबंधन के लिए लार आधारित जांच और परामर्श मुहैया कराती है।  

  • यूएसएड से वित्त पोषित प्रोजेक्ट संवाद, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी बेहतरीन बातों के बारे में बताने के लिए वीडियो और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करता है।  

  • नेक्सस इनक्यूबेटर से प्रशिक्षित फेबियोसिस इनोवेशंस ने ऐसा एंटीवायरल फैब्रिक तैयार किया है जिससे कोविड-19  के संकट से जूझ रहे स्वास्थ्यकर्मियों को बचाने में मददगार गाउन बन सकेंगे।  

  • नेक्सस प्रशिक्षित गीतांजली बनर्जी का स्टार्ट-अप फेमटेक फर्टिलिटी दोस्त महिलाओं और दंपत्तियों को प्रजनन से जुड़ी समस्याओं और उनसे बचने के उपायों पर बातचीत का मंच उपलब्ध कराता है।  

  • आकाश शाह का स्टार्ट अप केयर/ऑफ मासिक सदस्यता के हिसाब से हर ग्राहक के लिए खास तौर पर तैयार विटामिन पैक उपलब्ध कराता है।  

  • नेक्सस की सहायता हासिल करने वाली स्टार्ट-अप कंपनी डॉक्टर्नल स्मार्टफोन के जरिये विभिन्न बीमारियों की जांच और पहचान के काम को आसान बना रही है।

  • ऐसा देखा गया है कि विद्यार्थी की प्राथमिकता सूची में स्वास्थ्य बीमा की जगह बेहद नीचे होती है,  लेकिन इलाज पर भारी खर्च से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए बेहद आवश्यक है स्वास्थ्य बीमा।

  • विश्व तपेदिक दिवस पर रूज़वेल्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन समेत इस रोग से पीडि़त रहे लोगों ने अपने अनुभव बताए ताकि भारत में इस रोग के खात्मे की गंभीरता को समझा जा सके। 

  • हो सकता है आपको इस बात का ध्यान न हो, लेकिन आप क्या खाते हैं और कहां समय बिताते हैं, इस पर नज़र रखकर मधुमेह से बच सकते हैं।  

  • पांच आसान और प्रभावी तरीके जिनसे आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका घर और दफ्तर साफ-सुथरे रहें और आप और आपके करीबी स्वस्थ रहें।

  • भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टरों द्वारा मुंबई में शुरू की गई इमरजेंसी मेडिकल सर्विस का लक्ष्य है लोगों को समय पर तेज़ी से इलाज मुहैया कराना।

  • 30 करोड़ लोगों को चश्मों की ज़रूरत है, लेकिन इनमें से सिर्फ 4 करोड़ की ही नेत्र चिकित्सा और चश्मों तक पहुंच है। बदलाव की पहल ग्रामीण रमा देवी बताती हैं कि मैंने सबसे पहला चश्मा 2006 में अपने ही गांव के नरसिम्हा रेड्डी को बेचा था। उन्होंने बताया कि वह कतई घबराई हुई नहीं थीं क्योंकि वह पहले से...

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