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और लेख

  • अमेरिकी राजदूत सांस्कृतिक संरक्षण कोष से मिले अनुदान ने वाराणसी के ऐतिहासिक बालाजी घाट को नए सिरे से संवारने और उसकी ऐतिहासिकता के विवरण को दर्ज़ करने में मदद की है।  

  • फुलब्राइट-नेहरू फेलो और मानव संसाधन विशेषज्ञ अरूप वर्मा प्रवासी कर्मचारियों के कार्य का मूल्यांकन करने के लिए बना रहे हैं खास मॉडल।  

  • फुलब्राइट स्कॉलर और भारतीय वन सेवा के अधिकारी समीर सिन्हा से जानिए अमेरिका और भारत के नेशनल पार्कों के संरक्षण प्रयासों के बारे में।  

  • एक्सचेंज ट्रिप के तहत अमेरिका की यात्रा पर गए वैभव चक्रवर्ती वहां के येलोस्टोन नेशनल पार्क और ग्लेशियर नेशनल पार्क की सैर के अपने अनुभवों के बारे में बता रहे हैं।  

  • फ्लोरिडा से लेकर कैलिफ़ोर्निया तक अमेरिकी विद्यार्थी भारत, इसके पड़ोस और उससे भी आगे की दुनिया के बारे में जानने और अध्ययन करने में बेहद दिलचस्पी ले रहे हैं।  

  • स्मिथसॉनियन की फ्रीयर गैलरी और ऑर्थर एम. सैकलर गैलरी भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया की कलाकृतियों पर केंद्रित है। लाखों दर्शकों को इससे रूबरू कराने का जिम्मा डेबरा डायमंड का है।    

  • नई दिल्ली स्थित अमेरिकन सेंटर का नेक्सस इन्क्यूबेटर भारत-अमेरिकी गठबंधनों के बूते स्टार्ट-अप कंपनियों को गति देने के प्रयासों में जुटा है।

  • इंडिया इनोवेशन ग्रोथ प्रोग्राम भारत के अग्रणी उद्यमियों की पहचान कर और, स्थानीय और अमेरिकी कंपनियों एवं विश्वविद्यालयों के साथ भागीदारी कर, उन्हें सफलता के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान करता है।

  • ‘‘द अदर वन पर्सेंट: इंडियंस इन पुस्तक में भारतीय अमेरिकियों की उल्लेखनीय सफलता का बारीक और आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।  

  • फुलब्राइटर नवीना जाफा हेरिटेज वॉक और कला प्रस्तुतियों के जरिये भारत की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दे रही हैं।

  • आईवीएलपी प्रतिभागी सरगम सिंह रसायली बताते हैं कि अमेरिका की यात्रा ने किस तरह भारत में जैवविविधता संरक्षण का काम आगे बढ़ाने में उनकी मदद की।  

  • अमेरिकी राजदूत सांस्कृतिक संरक्षण कोष से मिले अनुदान के जरिये की गई पुरातत्वीय खुदाई से हैदराबाद के कुतुब शाही परिसर के बारे में नई समझ विकसित हुई है।  

  • अमेरिकी राजदूत सांस्कृतिक संरक्षण कोष से मिले अनुदान से मुंबई में लैमिंग्टन रोड स्थित वाईएमसीए स्टूडेंट ब्रांच को मिला नया जीवन।  

  • युनाइटेड थियोलॉजिकल कॉलेज में अमेरिकी राजदूत सांस्कृतिक संरक्षण कोष की मदद से भारत के अतीत से जुड़ी हज़ारों स्मृतियों के संरक्षण का काम हो रहा है।  

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